Types of Computer Systems: कंप्यूटर के विभिन्न प्रकार

By | July 22, 2021

Types of Computer Systems :- कंप्यूटर के विभिन्न प्रकारों माइक्रो, मिनी, मेनफ़्रेम, एनालोग, डिजिटल हाइब्रिड आदि को विस्तार से जानियें.

Types of Computer Systems
Various Types of Computer System

Computer :- Computer एक ऐसी Processing Machine है जो अव्यवस्थित data को Process करके अर्थ पूर्ण data में परिवर्तित करती है.

Types of Computer Systems: कंप्यूटर के विभिन्न प्रकार

कंप्यूटर को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जो निम्नानुसार है-

  1. एनालॉग कंप्यूटर
  2. डिजिटल कंप्यूटर
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर
कंप्यूटर के प्रकार
कंप्यूटर के प्रकार

एनालॉग कंप्यूटर

Super computer
Super computer

एनालॉग कंप्यूटर किसी चीज को नापता (मापता) है तथा *How Much* (मात्र में कितना) के आधार पर किसी प्रश्न का उत्तर देता है. इसमें input नंबर, Digit (अंक) या करैक्टर (अक्षर) उ होकर **Physical Quantity** होती है, जैसे- तापमान, दाब, गति, वेग, त्वरण, द्रव्यमान इत्यादि. इसमें input हमेशा सतत रूप से होता है.

ये कंप्यूटर विशेष रूप से आद्योगिक क्षेत्रों के उपयोग के लिए बनाये जाते है, जैसे – पेट्रोलियम रिफायनरीज, इलेक्ट्रॉनिक पॉवर प्लांट इत्यादि इसके मुख्य उदहारण है – एनालॉग थर्मामीटर, प्रेशर पेज, स्पीडोमीटर, इलेक्ट्रिसिटी मीटर इत्यादि.

डिजिटल कंप्यूटर

Digital Computer
Digital Computer

दिगिता कंप्यूटर किसी चीज को गढना करके, **How Many** के सिद्धांत पर किसी प्रश्न का उत्तर देता है. इसमें data नंबर्स, चरक्टेर्स अंको के रूप में होता है, जो हमेशा ही स्टेप्स (सतत नहीं होता है) में होता है. इनका उपयोग input data पर लॉजिकल व अंकगणितीय प्रक्रिया करने के लिए भी किया जाता है.

उदहारण:- डिजिटल कंप्यूटर विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के लिए बनाये जाते है, जैसे – गणित, अकाउंट, यांत्रिकी खोज, सांख्यिकी, इत्यादि. मुख्य उदहारण है – यूनिट रिकॉर्ड machine, डेस्क कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक data प्रोसेसिंग machine इत्यादि.

इसे पुनः दो भागो में बाटा गया है-

  • Special Purpose Computers
  • General Purpose Computers

Special Purpose Computer :- Data Processing कार्य के लिए ये बनाये जाते है. ये निर्देश जो विशेष कार्य करने के लिए जरूरी होते है, उन्ह मशीन की मेमोरी में स्थायी रूप से संग्रह कर लिया जाता है.

उपयोग:- इसका use विशेष रूप से अंतरिक्ष कार्यो; जैसे- एयर क्राफ्ट्स में, उपग्रह में, अंतरिक्ष जहाजों में, तथा नवीन कार्यों जैसे- पानी के जहाजों में, पनडुब्बियों में इत्यादि में.

Special Purpose Computer
Special Purpose Computer

General Purpose Computers :- ये कंप्यूटर different-different work करने के लिए बनाये जाते तथा प्रत्येक work से Related instruction मशीन की मेमोरी में स्थायी रूप से संग्रहण (store) नहीं किये जाते है. जबकि उन्हें input device से Read किया जाता है और तब तक मेमोरी में रखे जाते है जब तक की उनसे Related Work ख़त्म नहीं जो जाते है.

उपयोग:- ये कंप्यूटर सभी प्रकार के ऑफिस कार्यों, व्यावसायिक कार्गो, यांत्रिक कार्यों, गणितीय कार्यों आदि के लिए बनाये जाते है.

General Purpose computers को चार प्रकार से बांटा जा सकता है-

  1. माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
  2. मिनी कंप्यूटर (Mini Computer)
  3. मेन फ्रेम कंप्यूटर (Main Frame Computer)
  4. सुपर कंप्यूटर (Super Computer)
  1. माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer) :- तकनीक के क्षेत्रों में सन 1970 में कान्तिकारी आविष्कार हुआ. या आविष्कार माइक्रोप्रोसेसर का था, जिसके उपयोग से सस्ती कंप्यूटर प्रणाली बनाना संभव हुआ. ये कंप्यूटर डेस्क पर अथवा एक ब्रिफकेस में रखे जा सकते है. ये छोटे कंप्यूटर Micro Computer कहलाते है. माइक्रो कंप्यूटर आकार में छोटे व सस्ती होते है. इसीलिए इसे व्यक्तिगत use के लिए घर या बाहर किसी भी कार्य क्षेत्र में लगाये जा सकते है. अतः इसे पर्सनल कंप्यूटर (Personal Computer) या PC भी कहते है. Micro Computer एक बुक के size, phone के size में भी उपलब्ध है. Micro Computer 20-25 हजार रूपये से 1 लाख की कीमत में भी available है. Micro Computer को Personal Computer भी कहा जाता है.
Micro Computer
Micro Computer

पर्सनल कंप्यूटर को तीन भागो में बांटा गया है.

(P.C.) Personal Computer :- Personal Computer एक ऐसा Computer है जिसकी कीमत, size तथा Capacity लोगो के लिए इसे useful बनाती है. पर्सनल कंप्यूटर को एक समय में एक ही user द्वारा सामान्यतः Word Processing, Internet Browsing, e-mail, Internet faxing, Computer Programing तथा gaming जैसे general purpose के लिए use किया जाता है.

पहला Personal Computer IBM में इंटेल 8086 माइक्रोप्रोसेसर लगा हुआ था. यह 8 bit Processor था जो IBM के मापदंड को पूरा करता था. इसमें data स्थानांतरण व data processing के लिए 14 रजिस्टर लगे थे. इसकी संचय (storage) क्षमता 128 से 640 KB तक थी तथा इसके Floppy Drive की संख्या 1 या 2 थी. इसमें Hard Disk नहीं होती थी तथा कैलकुलेशन स्पीड 8 मेगाहर्ट्ज़ थी. इसकी मेमोरी 1 MB तक होती थी. Data Bus लो size 8 bit तथा Address Bus की size 20 bit होती थी.

Personal Computer
Personal Computer

PC-XT (पीसी-एक्सटी) :- इसमें 8088 नामक Microprocessor लगा हुआ था. इस कंप्यूटर के संचय क्षमता 640 KB की थी तथा Microprecessor 8 bit का था. इस कंप्यूटर में floppy drive की संख्या 1 या 2 थी. इस प्रकार के कंप्यूटर में Hard Diskहोती है जिसकी कैलकुलेशन स्पीड 10-12 मेगाहर्ट्ज़ में थी. इसकी मेमोरी 1 MB तक होती थी. इसमें Computer |Bus की size 20 bit होती थी.

PC-XT
PC-XT

PC-AT (पीसी-एटी) :- इसका पूरा नाम Personal Computer Advanced Technology है. इस प्रकार के Computerमें 80286 Microprecessor लगा हुआ था. इसमें कुछ extra quality थी जिसमें से एक प्रोग्रामिंग की speed होना था. इस कंप्यूटर की speed 8086 की तुलना में अधिक थी. इस प्रकार के कंप्यूटर की storage capacity 1MB से 2MB की थी. इस कंप्यूटर में Floppy drive की संख्या 1 या 2 थी. इस प्रकार के कंप्यूटर में Hard Disk होती थी जिसकी कैलकुलेशन speed 16 – 20 मेगाहर्ट्ज़ में थी. इसकी Largest Memory 16MB तक होती थी. इसके Data Bus की size 16 bit तथा Address Bus की size 24 bit तक होती थी.

PC-AT
PC-AT

2. मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) :- ये कंप्यूटर माध्यम size के कंप्यूटर होते है. ये माइक्रो कंप्यूटर की तुलना में अधिक work capacity वाले होते है. Mini Computer की कीमत Micro Computer से अधिक होते है और ये व्यक्तिगत रूप से नहीं खरीदें जा सकते. इसे Small या Middle Level की Company Work में लेती है. इस Computer पर एक से ज्यादा व्यक्ति work कर सकते है.

Mini Computer में एक से अधिक CPU (सी-पी-यु-) होते है. इसकी Memory और speed Micro से ज्यादा होती है तथा mainframe से कम होती है. ये Computer Main Frame Computer से सस्ते होते है.

प्रति व्यक्ति माइक्रो कंप्यूटर की अपेक्षा Mini Computer company में केन्द्रीय Computer के रूप में कार्य करता है तथा इससे Computer के संसाधनों का साझा (share) हो जाता है.

Mini Computer का use यातायात में यात्रियों के लिए आरक्षण प्रणाली का संचालन और बैंकों में बैंकिंग के कार्य के लिए होता है. Mini Computer का use एक Middle Level Company इस प्रकार करती है- Employe के Payroll तैयार करना, वित्तीय खातों का रख-रखाव यथा- उत्पादन योजना, बिक्री विश्लेषण, लगत विश्लेषण इत्यादि.

पहला Mini Computer PDP-8 था जिसे डिजिटल इक्विपमेंट कारपोरेशन (Digital Equipment Corporation) ने सन 1965 में तैयार किया था.

Mini Computer PDP-8
Mini Computer PDP-8

3. Main Frame Computer (मेनफ्रेम कंप्यूटर) :- ये कंप्यूटर size में बहुत अड़े होते है तथा इनकी storage capacity भी ज्यादा होती है. इसमें अधिक मात्रा में data पर तीव्रता (fastly) Process करने की capacity होती है. इसीलिए इसका use बड़ी कंपनियों, बैंक, सरकारी विभाग एक सेंट्रल कंप्यूटर के रूप में करते है. ये कंप्यूटर 24 घंटे work कर सकते है और इस पर सैकड़ो Users एक साथ work कर सकते है. Main Frame Computer को एक नेटवर्क या माइक्रो कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता है. ज्यादातर कंपनियों या आर्गेनाइजेशन Mainframe Computer का use निम्न कार्यों के लिए करती है:-

  • Tax का विस्तृत ब्योरा रखना.
  • भुगतान का ब्योरा रखना
  • Notice भेजना.
  • Employees को भुगतान करना.
  • उपभोगताओं द्वारा खरीद का ब्यौरा रखना.

IBM4381, ICL39 सीरीज, और CDC Cyber Series Mainframe Computer के उदाहरण है.

IBM4381
IBM4381

4. Super Computer (सुपर कंप्यूटर) :- Super Computer, कंप्यूटर की सभी श्रेणियों में सबसे बड़े (Largest) सबसे अधिक Storage Capacity वाले तथा सबसे ज्यादा गति (Speed) वाले होते है. इसमें अनेक CPU समान्तर क्रम में work करते है. इस क्रिया को समान्तर प्रक्रिया (Parallel Processing) कहते है.

सुपर कंप्यूटर नॉन-वान न्युमान सिद्धांत (Non-Van Newmann Concept) के आधार पर बनायें जाते है. सुपर कंप्यूटर में अनेक ए.एल.यु. (ALU), CPU का एक भाग होता है.

सुपर कंप्यूटर का use निम्न कार्यों के लिए होता है-

  • बड़ी वज्ञानिक और शोध प्रयोगशाला में शोध व खोज करना.
  • अंतरिक्ष यात्रा के लिए यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना.
  • मौसम भविष्यवाणी
  • High Quality के एनीमेशन Movie का निर्माण.

इन सभी कार्यों में की जाने वाली Calculation and Process जटिल व उच्च कोटि की शुद्धता वाली होती है जिसे सिर्फ Super Computer कर सकता है. Super Computer बहुत ज्यादा महंगें होते है. India में एक Super Coputer है जिसका नाम **परम** है जिसे India में ही बनाया गया है. इसका विकसित रूप ** Param 10000** भी तैयार किया गया है.

PARAM Super Computer of India
PARAM Super Computer of India

Hybrid Computer (हाइब्रिड कंप्यूटर)

Hitachi 505 Hybrid Computer
Hitachi 505 Hybrid Computer

ऐसे कंप्यूटर जो एनालॉग और डिजिटल दोनों तरह के कंप्यूटर की क्षमताओं से युक्त होते हैं, उन्हें सुपर कंप्यूटर्स कहा जाता है. सुपर कंप्यूटर का निर्माण इसलिए किया गया ताकि एनालॉग और डिजिटल दोनों कंप्यूटर में जो भी खामियां हैं, वो दूर हो सकें और एक सुपर कंप्यूटर का निर्माण हो सके. इस तरह हाइब्रिड कंप्यूटर के निर्माण से एक ही कंप्यूटर से डिजिटल और एनालॉग दोनों की सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं.

हाइब्रिड कंप्यूटर मुश्किल से मुश्किल कैलकुलेशन को भी चुटकियों में कर देता है. यह हाइब्रिड कंप्यूटर के साथ में बने एनालॉग सिस्टम के कारण संभव हो पाता है. इक्वेशन को चुटकियों में हल करने की डिजिटल कंप्यूटर की क्षमता भी हाइब्रिड कंप्यूटर में आ जाती है.

मतलब, हाइब्रिड कंप्यूटर एनालॉग कंप्यूटर से संबंधित एक प्रमुख खामी को पूरी तरह से खत्म करने में कामयाब रहा है. दोनों कंप्यूटरों की तुलना की जाए तो बिल्कुल सही उत्तर देने की एनालॉग कंप्यूटर की क्षमता डिजिटल कंप्यूटर की तुलना में काफी काफी हद तक सीमित है.

दोनों कंप्यूटरों के गुणों को हाइब्रिड कंप्यूटर में शामिल करने से अब ज्यादा मुश्किल इक्वेशन को तुरंत हल कर पाना संभव हो गया है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो हाइब्रिड कंप्यूटर स्पीड और सही उत्तर दोनों सुविधाएं देता है, इसका परिणाम यह हुआ है कि यूजर्स के पास कोई ही विकल्प चुनने की बाध्यता नहीं रही है.

हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग उन जगहों पर सबसे ज्यादा किया जाता है, जहां काफी मात्रा में इक्वेशन हल किये जाने की जरूरत होती है. वहीं, पूरी तरह से एनालॉग कंप्यूटर सिस्टम इक्वेशन का हल तो तुरंत कर देते हैं, पर यह जरूरी नहीं है कि वो हल पूरी तरह से सही हों. डिजिटल कंप्यूटर सिस्टम 100 प्रतिशत सही हल तो दे देता है, पर यह कैलकुलेशन में काफी वक्त लगाता है. हाइब्रिड कंप्यूटर इन दोनों सिस्टम की खामियों को पूरी तरह से दूर करने में कामयाब रहा. साथ ही हाइब्रिड सिस्टम द्वारा दिए गए हल कहीं ज्यादा विस्तृत और उपयोगी साबित होते हैं.

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