Current Affairs in Hindi 2 June 2021: हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स 02 जून 2021

By | June 2, 2021

Current Affairs in Hindi 2 June 2021 :- करेंट अफ़ेयर्स इन हिंदी 02 जून 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.

Current Affairs in Hindi 2 June 2021
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Current Affairs in Hindi 2 June 2021: हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स 02 जून 2021

Current Affairs in Hindi 2 June 2021 :- करेंट अफ़ेयर्स इन हिंदी 02 जून 2021 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय और कोरोना वायरस आदि शामिल हैं.

ICC का बड़ा फैसला, वनडे वर्ल्ड कप में खेलेंगी 14 टीमें

आईसीसी ने बोर्ड की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा कि आईसीसी बोर्ड ने 2024 से 2031 तक के शेड्यूल की आज पुष्टि की जिसमें पुरुषों का क्रिकेट विश्व कप और टी-20 विश्व कप खेला जाएगा और चैंपियंस ट्रॉफी फिर से आयोजित होगी.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 01 जून 2021 को हुई बोर्ड की मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए हैं. अब 50 ओवरों के वर्ल्ड कप में 14 टीमें भाग लेंगी, जबकि टी-20 वर्ल्ड कप हर दो साल बाद आयोजित होगा. आईसीसी ने 01 जून 2021 को यह जानकारी दी.

इसके अलावा चैंपियन्स ट्रॉफी (मिनी वर्ल्ड कप) की भी वापसी हो गई है. इससे पहले साल साल 2017 यह ट्रॉफी आखिरी बार खेली गई थी और इसके बाद आईसीस ने इसे खत्म करने का फैसला लिया था. आईसीसी की यह बैठक फ्यूचर टूर्स कार्यक्रम (FTP) तय करने के संबंध में थी. इस बैठक में 2024 से 2031 तक के शेड्यूल पर फैसला लिया गया.

मुख्य बिंदु

  • आईसीसी ने बोर्ड की बैठक के बाद जारी विज्ञप्ति में कहा कि आईसीसी बोर्ड ने 2024 से 2031 तक के शेड्यूल की आज पुष्टि की जिसमें पुरुषों का क्रिकेट विश्व कप और टी-20 विश्व कप खेला जाएगा और चैंपियंस ट्रॉफी फिर से आयोजित होगी.
  • इसमें कहा गया कि पुरुषों के विश्व कप में 2027 और 2031 में 14 टीमें होंगी जबकि 2024-30 के बीच टी-20 विश्व कप में 20 टीमें होंगी. 2024, 2026, 2028 और 2030 में 55 मैच का टूर्नामेंट होगा. वर्तमान में 50 ओवरों के विश्व कप में दस टीमें होती है.
  • इस बार टी20 विश्व कप में 16 टीमें होंगी. आठ टीमों की चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और 2029 में खेली जायेगी. आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल्स 2025, 2027, 2029 और 2031 में खेले जायेंगे.
  • आईसीसी ने वर्ल्ड कप का फॉर्मेट भी साझा किया है. इसके तहत मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप में दो अलग-अलग ग्रुप में 7-7 टीमें होंगे. हर ग्रुप से 3 टीमें चुनी जाएंगी, जो सुपर-6 स्टेज पर पहुंचेंगी और इन्हीं के बीच सेमीफाइनल और फाइनल खेला जाएगा. ये वही फॉर्मेट है जो 2003 के वर्ल्ड कप में इस्तेमाल किया गया था.

वुमन्स क्रिकेट का शेड्यूल भी जारी

मेन्स क्रिकेट के साथ-साथ आईसीसी ने वुमन्स क्रिकेट का शेड्यूल भी जारी किया है. साल 2024 से लेकर 2031 के बीच हर दो साल में महिला टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाएगा. ये टूर्नामेंट 2024, 2026, 2028 और 2030 में होगा. 2025 और 2029 में वर्ल्ड कप और 2027 और 2031 में चैम्पियंस ट्रॉफी खेली जाएगी.

वित्त वर्ष 2020-21 मैं भारत की अर्थवयवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, वित्‍त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई. 

कोरोना महामारी ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian economy) को बुरी तरह प्रभावित किया है. वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि लंबी अवधि में जीडीपी वृद्धि दर औसतन लगभग छह प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, वित्‍त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई. जीडीपी में आई ये गिरावट कोविड-19 महामारी के आर्थिक असर को दिखाती है. वहीं पिछले साल (2019-20) में यह 4 प्रतिशत रही थी. जबकि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में जीडीपी ग्रोथ रेट 1.6 प्रतिशत दर्ज की गई.

एनएसओ ने क्या कहा?

एनएसओ ने जनवरी 2021 में जारी हुए राष्ट्रीय अकाउंट्स के पहले एडवांस एस्टिमेट्स में 2020-21 में जीडीपी में 7.7 प्रतिशत की गिरावट का आकलन किया था. इसके बाद दूसरे संशोधित अनुमान में वित्‍त वर्ष 2020-21 में 8 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया था. बता दें कि चीन ने जनवरी-मार्च 2021 में 18.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है.

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने क्या कहा?

भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. वी. सुब्रमण्यम ने कहा कि जीएसटी पिछले साल के मुकाबले इस साल काफी बढ़ा है. पिछले साल के सितंबर महीने के बाद से जीएसटी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अप्रैल महीने में जीएसटी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.

राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020-21 में

राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 9.3 प्रतिशत रहा. यह वित्त मंत्रालय के संशोधित अनुमान 9.5 प्रतिशत से कम है. महालेखा नियंत्रक (सीजीए) ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र सरकार के राजस्व-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले वित्त वर्ष में राजस्व घाटा 7.42 प्रतिशत था.

वित्त वर्ष 2019-20 में राजकोषीय घाटा बढ़कर जीडीपी का 4.6 प्रतिशत रहा था. मुख्य रूप से राजस्व कम होने से राजकोषीय घाटा बढ़ा है. कोरोना की दूसरी लहर को रोकने हेतु देश के आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वूर्ण राज्यों में लॉकडाऊन लगाया गया उसकी वजह से अर्थव्यवस्था फिर से कमज़ोर पड़ती दिख रही है.

टाटा स्टील के टीवी नरेन्द्रन बने CII के नए अध्यक्ष

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने यह घोषणा की है कि, उसने टाटा स्टील के CEO और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन को वर्ष, 2021-22 के लिए अपना नया अध्यक्ष चुना है.

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने 1 जून, 2021 को यह घोषणा की है कि, उसने टाटा स्टील के CEO और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन को वर्ष, 2021-22 के लिए अपना नया अध्यक्ष चुना है.

नरेंद्रन कोटक महिंद्रा बैंक के CEO और प्रबंध निदेशक उदय कोटक का स्थान लेंगे.

CII की एक प्रेस विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि, टाटा स्टील के CEO और प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने वर्ष, 2021-22 के लिए CII के अध्यक्ष का पद ग्रहण किया है. नरेंद्रन कई वर्षों से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर CII के साथ जुड़े हुए हैं.

इस प्रेस विज्ञप्ति में आगे यह उल्लेख किया गया है कि, बजाज फिनसर्व लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज को वर्ष, 2021-22 के लिए CII के अध्यक्ष – नामित के तौर पर चुना गया है, जबकि हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड के अध्यक्ष और CEO पवन मुंजाल वर्ष, 2021- 22 के लिए CII के उपाध्यक्ष होंगे.

कौन हैं ये टी वी नरेंद्रन?

टी वी नरेंद्रन एक भारतीय व्यवसायी हैं. वर्तमान में, वे टाटा स्टील के CEO एवं MD हैं.

नरेंद्रन ने वर्ष, 2016-17 के दौरान CII (पूर्वी क्षेत्र) के अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया था. वे वर्ष 2020-21 के लिए CII के अध्यक्ष – नामित भी थे. वे CII झारखंड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने नेतृत्व और मानव संसाधन पर CII राष्ट्रीय समितियों का भी नेतृत्व किया है.

IIM, कलकत्ता और NIT, त्रिची के इस पूर्व छात्र नरेंद्रन NIT, त्रिची और IIM, कलकत्ता से विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार से भी सम्मानित हुए हैं.

नरेंद्रन ने वर्ष, 2016-18 से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माइनिंग एंड मेटल्स गवर्नर्स काउंसिल की सह-अध्यक्षता भी की है.

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के बारे में

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एक गैर-लाभकारी, गैर-सरकारी, उद्योग-प्रबंधित और उद्योग-नेतृत्व वाला संगठन है जो भारत के विकास का समर्थन करने के लिए स्थायी वातावरण बनाने के लिए निरंतर काम करता है.

वर्ष, 1895 में स्थापित, CII में MNC और SME सहित निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के 9,000 से अधिक सदस्य और 294 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय उद्योग निकायों के 3,00,000 से अधिक उद्यमों के सदस्य शामिल हैं.

CII के प्रमुख उद्देश्य भारत के आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना, नीतिगत मुद्दों पर सरकार के साथ मिलकर काम करना, वैश्वीकरण, उद्योग के लिए व्यापार के अवसरों को बढ़ाना और नागरिक समाज के साथ व्यापार की साझेदारी को बढ़ाना है.

वाईस एडमिरल रवनीत सिंह ने नौसेना उप प्रमुख का कार्यभार संभाला

वाइस एडमिरल रवनीत सिंह 01 जुलाई 1983 को भारतीय नौ सेना में कमीशन किए गए और एविएशन में विशेषज्ञ हैं. 

वाइस एडमिरल रवनीत सिंह ने 01 जून 2021 को नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया. उन्होंने वाइस एडमिरल एमएस पवार की जगह ली है, जो 31 मई को सेवानिवृत्त हुए हैं. उन्हें अपने शानदार करियर के दौरान आधा दर्जन से अधिक प्रकार के विमान उड़ाने का अनुभव है.

वाइस एडमिरल रवनीत सिंह 01 जुलाई 1983 को भारतीय नौ सेना में कमीशन किए गए और एविएशन में विशेषज्ञ हैं. फ्लैग ऑफिसर मास्टर ग्रीन इंस्ट्रुमेंट के साथ क्वालिफाइड फ्लाइंग इंसट्रक्टर हैं. विमानन क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल होने से वह मास्टर ग्रीन इंस्ट्रूमेंट रेटिंग के साथ एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं.

वाइस एडमिरल रवनीत सिंह के बारे में

वाइस एडमिरल रवनीत सिंहने अपने शानदार करियर के दौरान एचटी-2, किरण एचजेटी 16, टीएस 11 इस्क्रा, हंटर, हैरियर जीआर 3, जेट प्रोवोस्ट, चेतक, गज़ेल, हॉक और मिग 29 केयूबी विमान उड़ाए हैं.

उन्होंने अपने विशिष्ट नौसेना के करियर के दौरान विभिन्न चुनौतीपूर्ण स्टाफ, कमान और राजनयिक कार्यों को निभाया है और विभिन्न प्लेटफार्मों पर व्यापक अनुभव प्राप्त किया है.

उन्होंने आईएनएस हिमगिरी, आईएनएस रणविजय, आईएनएस रणवीर, आईएनएएस 551बी, आईएनएएस 300 के साथ-साथ प्रमुख एयर बेस आईएनएस हंसा सहित विभिन्न फ्रंटलाइन जहाजों और नौसेना वायु स्क्वाड्रनों की कमान संभाली है.

उन्हें साल 2005 से साल 2008 तक भारतीय रक्षा सलाहकार (केन्या, तंजानिया और सेशेल्स) भी नियुक्त किया गया था.

फ्लैग रैंक में पदोन्नत होने पर उन्होंने आईएचक्यू एमओडी (एन) में सहायक नियंत्रक वाहक परियोजना और सहायक नियंत्रक युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण, गोवा में फ्लैग ऑफिसर गोवा क्षेत्र / फ्लैग ऑफिसर नेवल एविएशन और मुंबई में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट के प्रमुख दायित्वों को संभाला है.

पुरस्कार-सम्मान

वाइस एडमिरल रवनीत सिंह को 2000 में नौसेना प्रमुख द्वारा प्रशस्ति से सम्मानित किया गया था और 2004 में नौसेना पदक (शौर्य) और 2017 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था.

वाइस एडमिरल के रैंक

वाइस एडमिरल के रैंक में फ्लैग ऑफिसर की प्रमुख नियुक्तियों में मुख्यालय पश्चिमी नौसेना कमान, मुंबई में चीफ ऑफ स्टाफ, डायरेक्टर जनरल प्रोजेक्ट सीबर्ड और आईएचक्यू एमओडी (एन) में कार्मिक प्रमुख शामिल हैं.

फ्लैग ऑफिसर: एक नजर में

फ्लैग ऑफिसर ने भारत और विदेशों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में भाग लिया है. इन पाठ्यक्रमों में तांबरम में फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर कोर्स, डीएसएससी वेलिंगटन में स्टाफ कोर्स, रॉयल एयर फोर्स बेस, विदरिंग, यूके में हैरियर कनवर्सन पाठ्यक्रम और आईआईएम अहमदाबाद में परियोजना प्रबंधन कार्यक्रम शामिल हैं.

NSA ने भारतीय तटरक्षक बल के स्वदेशी जहाज ‘सजग’ को किया जहाजी बेड़े में शामिल

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भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने 105 मीटर अपतटीय गश्ती जहाजों (OPVs) की श्रृंखला में तीसरा, भारतीय तटरक्षक (ICG) जहाज ‘सजग’ को शामिल किया है. यहां पढ़ें सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने 29 मई, 2021 को भारतीय तटरक्षक (ICG) जहाज ‘सजग’ को संचालित  किया, जो 105 मीटर अपतटीय गश्ती जहाजों (OPV) की श्रृंखला में तीसरा है.

कीर्ति चक्र विजेता, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोभाल ने 29 मई को डॉ अजय कुमार, रक्षा सचिव और महानिदेशक कृष्णस्वामी नटराजन, पीवीएसएम, पीटीएम, टीएम, महानिदेशक भारतीय तटरक्षक बल और केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सजग को कमीशन किया.

सजग: भारतीय तटरक्षक (ICG) जहाज

सजग, जिसका अर्थ है ‘सतर्क’, एक भारतीय तटरक्षक जहाज है जो राष्ट्र के समुद्री हित के प्रति ‘तत्पर, प्रासंगिक और उत्तरदायी’ इच्छा और प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 29 मई, 2021 को ‘सजग’ की सेवा का शुभारंभ किया.

सजग को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है. इसमें उन्नत तकनीक, संचार उपकरण, नेविगेशन, मशीनरी और सेंसर हैं.

यह जहाज एक एकीकृत प्लेटफार्म प्रबंधन प्रणाली (IPMS), एकीकृत पुल प्रणाली (IBS), उच्च शक्ति बाहरी अग्निशमन (EFFF) प्रणाली और बिजली प्रबंधन प्रणाली (PMS) के साथ 40/60 बोफोर्स तोप, FCS के साथ दो 12.7 मिमी SRCG बंदूकों से लैस है.

दो 9100 किलोवाट डीजल इंजन इस जहाज को अधिकतम 26 समुद्री मील की गति तक पहुंचने के लिए संचालित करते हैं. यह जहाज लगभग 2,350 टन (GRT) विस्थापित करता है.

इस जहाज को किफायती गति से 6,000 nm की सहनशक्ति के साथ बनाया गया है. आधुनिक प्रणाली और तकनीक से लैस यह जहाज तटरक्षक चार्टर को पूरा करने के लिए कार्य करने में सक्षम है.

उप महानिरीक्षक संजय नेगी 12 अधिकारियों और 99 पुरुषों के साथ ICG जहाज सजग की कमान संभालेंगे.

सजग से भारतीय तटरक्षक बल को क्या लाभ मिलेगा?

सजग तटरक्षक बेड़े के साथ पोरबंदर में स्थित होगा. तटरक्षक चार्टर द्वारा उल्लिखित EEZ निगरानी और कर्तव्यों के लिए इस जहाज का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा.

वर्तमान में, ICG में 62 विमानों और 157 जहाजों का बेड़ा है. जबकि HAL, बेंगलुरु में 16 एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर निर्माणाधीन हैं और विभिन्न शिपयार्ड्स में 34 सतही प्लेटफॉर्म निर्माणाधीन हैं.

चीन में कोरोना वायरस के बाद बर्ड फ्लू H10N3 का पहला मामला, जानें विस्तार से

चीन में बर्डफ्लू के विभिन्न स्वरूप हैं, जिनके मनुष्यों को संक्रमित करने के मामले भी कभी-कभी सामने आते हैं. H10N3, बर्ड फ्लू वायरस का एक कम रोगजनक या अपेक्षाकृत कम गंभीर स्ट्रेन है.

चीन में इंसान के अंदर बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया है. चीन में बर्ड फ्लू का एच10एन3 (H10N3) स्ट्रेन से संक्रमित पहले शख्स का मामला सामने आया है. यह मामला देश के पूर्वी जियांगसु प्रांत में पता चला है. यह जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने 01 जून 2021 को दी.

झेंजियांग शहर के एक 41 वर्षीय व्यक्ति में बर्ड फ्लू का स्ट्रेन मिला है. फिलहाल उसकी हालत स्थिर है. चीन के अधिकारियों ने कहा कि मरीजों में 28 मई को H10N3 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस होने का पता चला था. अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह शख्स बर्ड फ्लू के H10N3 स्ट्रेन से कैसे संक्रमित हुआ. इससे पहले वैश्विक स्तर पर H10N3 से मानव संक्रमण का कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है.

चीन में बर्डफ्लू के विभिन्न स्वरूप

चीन में बर्डफ्लू के विभिन्न स्वरूप हैं, जिनके मनुष्यों को संक्रमित करने के मामले भी कभी-कभी सामने आते हैं.

एच10एन3के बारे में

H10N3, बर्ड फ्लू वायरस का एक कम रोगजनक या अपेक्षाकृत कम गंभीर स्ट्रेन है और इसके बड़े पैमाने पर फैलने का जोखिम बहुत कम है. चीन में एवियन इन्फ्लूएंजा के कई अलग-अलग स्ट्रेन हैं और कुछ छिटपुट रूप से लोगों को संक्रमित करते हैं.

H5N8 इन्फ्लुएंजा ए वायरस (बर्ड फ्लू वायरस के रूप में भी जाना जाता है) का एक उपप्रकार है, जबकि H5N8 केवल मनुष्यों के लिए कम जोखिम प्रस्तुत करता है. यह जंगली पक्षियों और मुर्गे के लिए अत्यधिक घातक है.

कई वायरस जिम्मेदार

बर्ड फ्लू फैलाने के लिए कई वायरस जिम्मेदार होते हैं लेकिन इसमें H5N1 को खतरनाक माना जाता है क्योंकि यही वायरस इंसानों में बर्ड फ्लू के संवाहक के तौर पर काम करता है. मानवों में बर्ड फ्लू के संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में आया था जब हॉन्ग-कान्ग में मुर्गियों से एक शख्स में यह वायरस फैला था. साल 2003 से बर्ड फ्लू का यह वायरस चीन, यूरोप, अफ्रीका समेत एशिया के कई देशों में फैलना शुरू हो गया. अब बर्ड फ्लू के H10N3 स्ट्रेन का नया मामला सामने आया है.

बर्ड फ्लू के लक्षण

बर्ड फ्लू एक खास तरह का श्वास रोग होता है यह रोग इतना खतरनाक होता है कि इससे संक्रमित व्यक्ति की जान भी जा सकती है. इस रोग में गले में खराश, खांसी, निमोनिया, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं.

बर्ड फ्लू से बचने के लिए तरीका

बर्ड फ्लू से बचने के लिए एक ही तरीका है कि मरे हुए और संक्रमित पक्षियों से दूर रहे हैं और जिन लोगों को यह रोग हुआ है उनसे भी थोड़ी दूरी बना कर रखें.

स्पेसएक्स फाल्कन 09 रॉकेट ने अन्य 60 स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में किया लॉन्च

स्पेसएक्स ने स्टारलिंक 28 मिशन को लॉन्च किया है जिसमें 60 स्टारलिंक उपग्रहों का एक अन्य सेट शामिल है. यह वर्ष, 2021 में 13 वां स्टारलिंक लॉन्च मिशन है. स्पेसएक्स के स्टारलिंक उपग्रहों के बारे में जानने के लिए गौर से पढ़ें यह आर्टिकल.

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स्पेसएक्स फाल्कन 09 रॉकेट ने 26 मई, 2021 को स्टारलिंक 28 मिशन को लॉन्च किया है, जिसमें फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से कक्षा में 60 स्टारलिंक उपग्रहों का एक अन्य सेट शामिल है जोकि वर्ष, 2021 में 13 वां स्टारलिंक लॉन्च इंगित करता है.

स्टारलिंक 28 लॉन्च: मुख्य विशेषताएं 

• स्टारलिंक 28 वर्ष, 2021 का 13वां स्टारलिंक लॉन्च कार्यक्रम एक अद्वितीय मिशन है क्योंकि स्पेसएक्स ने इन उपग्रहों को कक्षा में लॉन्च करने के लिए अपने नवीनतम बूस्टर का उपयोग किया है.• स्टारलिंक 28 मिशन ने एक महीने के भीतर अपने 229 फुट ऊंचे (70 मीटर) फाल्कन 09 रॉकेटों में से एक पर स्पेसएक्स द्वारा स्टारलिंक उपग्रहों के साथ चौथी सफल उड़ान को संचालित किया है.

स्पेसएक्स का पुन: प्रयोज्य लॉन्च सिस्टम प्रोग्राम

• इस रॉकेट का पहला चरण प्रक्षेपण के ठीक नौ मिनट बाद पृथ्वी को छू गया, जो स्पेसएक्स के पुन: प्रयोज्य लॉन्च सिस्टम प्रोग्राम द्वारा 85वीं लैंडिंग इंगित करता है.• आमतौर पर, लॉन्च वाहनों का पहला चरण लॉन्च के बाद वापस नहीं आता है. स्पेसएक्स अंतरिक्ष वाहनों के लिए पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण प्रणाली विकसित कर रहा है.

स्टारलिंक उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा में क्यों रखा गया है?

उपयोगकर्ता और सर्वर के बीच विलंबता कहलाने वाले टाइम लैग की समस्या से बचने के लिए स्टारलिंक उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया जाता है. पृथ्वी से जितनी लंबी दूरी होगी, समय उतना ही अधिक होगा.• पृथ्वी की निचली कक्षा 1000 किलोमीटर से कम की ऊंचाई पर है. पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ तालमेल बिठाते हैं. इसका मतलब यह है कि, ये उपग्रह भी 24 घंटे में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करते हैं.

स्पेसएक्स के स्टारलिंक उपग्रह

एलोन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स ने उपग्रहों का एक नेटवर्क विकसित किया है जिसे स्टारलिंक ब्रॉडबैंड उपग्रह कहा जाता है, जिसे कंपनी पृथ्वी की कक्षा में अंतरिक्ष से पृथ्वी तक इंटरनेट कवरेज प्रदान करने के लिए लॉन्च करती है.• इन स्टारलिंक उपग्रहों को 340 मील की अपेक्षाकृत कम कक्षा में स्थापित किया गया है. स्टारलिंक की कक्षा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से थोड़ी ऊंची है लेकिन, स्थलीय उपग्रहों की कक्षाओं से नीचे है.

नासा ने चंद्रमा पर अपना पहला मोबाइल रोबोट भेजने की घोषणा की

यह मोबाइल रोबोट चंद्रमा की सतह पर और इसके नीचे बर्फ एवं अन्य संसाधनों की खोज करेगा. इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह के अंदर बर्फ तथा अन्‍य प्राकृतिक संसाधनों की तलाश करना है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में घोषणा की है कि साल 2023 में वह चंद्रमा पर अपना पहला मोबाइल रोबॉट भेजने जा रही है. नासा ने इसे वोलाटाइल्स इंवेस्टिगेशन पोलर एक्स्प्लोरेशन रोवर (वाइपर) मिशन नाम दिया गया है और इसका उद्देश्य चंद्रमा की सतह के अंदर बर्फ तथा अन्‍य प्राकृतिक संसाधनों की तलाश करना है.

नासा ने 2023 में चंद्रमा पर अपना पहला मोबाइल रोबोट भेजने की घोषणा की है. यह मोबाइल रोबोट चंद्रमा की सतह पर और इसके नीचे बर्फ एवं अन्य संसाधनों की खोज करेगा. यह मिशन ‘रोबोट विज्ञान मिशन’ और ‘मानव अन्वेषण’ को साथ-साथ चलने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है.

43 करोड़ डॉलर का बजट जारी

इस रोबॉट को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के चारों ओर प्राकृतिक संसाधनों का नक्‍शा भी बनाना है. नासा ने इसके लिए 43 करोड़ डॉलर का बजट भी जारी कर दिया है. नासा की ओर से इसे लेकर हाल ही में एक बयान जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि रोवर के डाटा से ही आर्टिमिस प्रोग्राम में मदद मिलेगी.

वाइपर मिशन: एक नजर में

वाइपर मिशन में ऐसे हेड लाइट लगाए गए हैं जिससे यह रोवर चांद के उन हिस्‍सों की जांच कर सकेगा जो छाया के कारण अंधेरे में रहते हैं. नासा के प्लेनेटरी साइंस डिवीजन के डायरेक्‍टर लोरी ग्‍लेज ने कहा कि वाइपर से मिला डेटा हमारे वैज्ञानिकों को यह पता लगाने में मदद करेगा कि चंद्रमा की सतह पर कहां पर और कितनी बर्फ है.

यह मोबाइल रोबोट आर्टेमिस कार्यक्रम का एक हिस्सा है. यह वाइपर से डेटा एकत्र करेगा और वैज्ञानिकों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर संसाधनों का मानचित्रण करने में सहायता करेगा. वाइपर से प्राप्त डेटा वैज्ञानिकों को चंद्र सतह पर सटीक स्थानों और बर्फ की सांद्रता निर्धारित करने में सहायता कर सकता है.

वाइपर के बारे में

यह एक चंद्र रोवर है जिसे नासा ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पता लगाने के लिए विकसित किया है. इसे नवंबर 2023 में चंद्रमा की सतह पर पहुंचाया जाएगा. यह रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के स्थायी रूप से छाया वाले क्षेत्रों में संसाधनों का पता लगाएगा. इसका उपयोग एक दिन चांद पर लंबे समय के लिए मानव अन्वेषण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

इस डाटा का विशलेषण कर दक्षिणी ध्रुव के वातावरण और संसाधनों के बारे में पता चलेगा, जिससे आर्टिमिस मिशन की तैयारी की जाएगी. वाइपर चंद्रमा पर नासा की ओर से भेजा गया सबसे सक्षम रोबॉट होगा.

पृष्ठभूमि

यह मिशन हमें चंद्रमा पर पानी की उत्‍पत्ति और उसके वितरण के बारे में बताएगा. इससे आगे चलकर अनंत ब्रह्मांड में अंतरिक्षयात्रियों को भेजने में मदद मिलेगी. बता दें कि नासा ने चंद्रमा की सतह पर पानी की खोज की है. इस बड़ी खोज से न केवल चंद्रमा पर भविष्य में होने वाले मानव मिशन को बड़ी ताकत मिलेगी. बल्कि, इनका उपयोग पीने और रॉकेट ईंधन उत्पादन के लिए भी किया जा सकेगा.

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