CPU Central Processing Unit| सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट

By | September 16, 2021

CPU Central Processing Unit कंप्यूटर की रचना का सबसे महत्वपूर्ण भाग CPU Central Processing Unit है. इसमें इनपुट किये गए डाटा पर प्रक्रिया (प्रोसेसिंग) होती है जिसके बाद डाटा सुचना का रूप ग्रहण करता है.

CPU Central Processing Unit
CPU Central Processing Unit

इस भाग में क्या है

  • परिचय
  • सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट क्या है?
  • अरिथमेटिक और लॉजिक यूनिट
  • कण्ट्रोल यूनिट
  • रजिस्टर
  • इंस्ट्रक्शन सेट
  • प्रोसेसर स्पीड
  • सिस्टम क्लॉक
  • सिस्क तथा रिस्क
  • पोपुलर माइक्रोप्रोसेसर

CPU Central Processing Unit| सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट

CPU Central Processing Unit क्या है?

CPU Central Processing Unit का शोर्ट फॉर्म (संक्षिप्त रूप) है और यह कंप्यूटर का मस्तिष्क होता है. इसका मुख्य कार्य प्रोग्राम्स को एक्सीक्यूट करना है. इसके अलावा सी.पी.यु. कंप्यूटर के सभी भागों, जैसे – मेमोरी, इनपुट और आउटपुट devices को नियंत्रित करता है. इसके नियंत्रण में प्रोग्राम और डाटा स्टोर होते है. इसी की मदद से आउटपुट स्क्रीन पर दिखाई देता है या प्रिंटर के द्वारा कागज पर छपता है.

सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के निम्नलिखित तीन भाग होते है-

  • अरिथमेटिक व लॉजिक यूनिट
  • मेमोरी यूनिट
  • कण्ट्रोल यूनिट

अरिथमेटिक व लॉजिक यूनिट

अरिथमेटिक लॉजिक यूनिट को संक्षेप में ए एल यू कहते हैं. यह यूनिट डाटा पर मैथमेटिकल ऑपरेशंस और लॉजिकल ऑपरेशंस परफॉर्म करती है. इसमें ऐसा इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है जो बायनरी अंकगणित की घटनाएं जैसे जोड़, घटाव, गुणा और भाग करने में सक्षम होता है. ए एल यू सभी गणनाओं को पहले सरल अंकगणित क्रियाओं में भाग लेती है, जैसे गुणा को बार-बार जोड़ने की क्रिया में बदलना. बाद में इन्हें विद्युत पल्सेस में बदलकर सर्किट में आगे ट्रांसफर किया जाता है.

लॉजिकल ऑपरेशंस में ए एल यू दो संख्याओं या डाटा की तुलना करती है और प्रोसेसिंग के दौरान निर्णय लेने का कार्य करती है.

ए एल यू कंट्रोल यूनिट से निर्देश या गाइडलाइन प्राप्त करती है. यह मेमोरी से डाटा प्राप्त करती है और मेमोरी में ही सूचना को लौटा देती है. ए. एल. यु. के कार्य करने की गति अति तीव्र होती है. यह लगभग 1000000 गणनाएँ प्रति सेकंड की गति से करती है. इसमें कई रजिस्टर और accumulator होते हैं जो गणना के दौरान वर्चुअल मेमोरी का कार्य करते हैं. ए. एल. यु. प्रोग्राम के आधार पर कंट्रोल यूनिट के बताएं अनुसार सभी डाटा मेमोरी से प्राप्त करके accumulator में रख लेते हैं.

उदारणार्थ माना कि दो संख्याओं ए और बी को जोड़ना है. कंट्रोल यूनिट A को मेमोरी से चुनकर ए.एल.यु. में स्थित B में जोड़ती है. परिणाम मेमोरी में स्थित हो जाता है या आगे गणना हेतू accumulator में इंस्टॉल हो जाता है.

CPU Central Processing Unit

कण्ट्रोल यूनिट

कंट्रोल यूनिट कंप्यूटर की आंतरिक क्रियाओं को नियंत्रित करती है. यह कंप्यूटर के इनपुट और आउटपुट क्रियाओं को नियंत्रित करता है. इसके साथ ही यह मेमोरी और ए.एल.यू के मध्य डाटा के आदान-प्रदान को निर्देशित करता है.

यह प्रोग्राम को एग्जीक्यूट करने के लिए प्रोग्राम के निर्देशों को मेमोरी में से प्राप्त करती हैं. इसके बाद यह निर्देशों को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करके उच्च डिवाइसेज तक पहुंचाती है, ताकि डाटा प्रोसेसिंग कंप्लीट हो जाए. कंट्रोल यूनिट मेमोरी में प्रोसेस होने वाले लोकेशन के बारे में ए.एल.यू को डायरेक्ट भी करती है. कंट्रोल यूनिट ए एल यू को इस बारे में भी इंस्ट्रक्ट करती है कि क्या क्रिया करनी है तथा प्रोसेसिंग के पश्चात आउटपुट मेमोरी में कहां स्टोर होना है. इन सभी निर्देशों के विद्युत संकेत सिस्टम बस की कंट्रोल बस के माध्यम से कंप्यूटर के विभिन्न कंपोनेंट तक संचारित होते हैं. वायर के समूह या संचय को बस कहा जाता है. यह बस इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल सिस्टम यूनिट के संपूर्ण भाग में संचालित करती है. इनका नामकरण सिग्नल के टाइप के उस बेसिस पर किया जाता है जिसे यह कैरी करते है. किसी सिस्टम यूनिट की मेन बस को सिस्टम बस कहते हैं तथा कंट्रोल सिग्नल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए प्रयुक्त बस को कंट्रोल बस कहा जाता है.

Input and Output Devices for Computer

CPU Central Processing Unit

रजिस्टरर्स

कंप्यूटर के निर्देश सीपीयू के द्वारा कैसे किए जाते हैं. निर्देशों को एग्जीक्यूट करने के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है. सूचनाओं के संतोषजनक रूप व तेज गति से आदान-प्रदान के लिए कंप्यूटर की सीपीयू मेमोरी यूनिट का प्रयोग करती है. इस मेमोरी यूनिट को रजिस्टर कहते हैं.

रजिस्टर मेन मेमोरी के भाग नहीं होते हैं. इनमें सूचनाएं अस्थाई रूप से स्टोर रहती है. किसी भी रजिस्टर का आकार उसकी स्टोर करने की क्षमता के बराबर होता है. उदाहरण के लिए यदि कोई रजिस्टर 8 बीट स्टोर कर सकता है तो उसे 8 बीट रजिस्टर कहते हैं. इन दिनों 16 बीट रजिस्टर वाले कंप्यूटर तो सामान्य है जबकि 32bit तथा 64bit के प्रोसेसर भी उपलब्ध है. रजिस्टर जितने अधिक बीट का होगा उतने ही अधिक तेजी से कंप्यूटर में डाटा प्रोसेसिंग का कार्य संपन्न होगा. कंप्यूटर में प्रायः निम्नलिखित प्रकार के रजिस्टर होते हैं-

  • मेमोरी ऐड्रेस रजिस्टर – यह कंप्यूटर के निर्देश की एक्टिव मेमोरी लोकेशन को स्टोर करता है.
  • मेमोरी बफर रजिस्टर – यह रजिस्टर मेमोरी से पढ़े गए या लिखे गए किसी शब्द के कंटेंट को स्टोर करता है.
  • प्रोग्राम कंट्रोल रजिस्टर – यह रजिस्टर एक्सीक्यूट होने वाले अगले निर्देश का एड्रेस स्टोर करता है.
  • एकुमुलेटर रजिस्टर – यह रजिस्टर एग्जीक्यूट होते हुए डाटा को उसके माध्यमिक रिजल्ट व अंतिम रिजल्ट को स्टोर करता है. प्रायः यह रजिस्टर सूचनाओं के एग्जीक्यूशन के समय प्रयोग होते हैं.
  • इंस्ट्रक्शन रजिस्टर – यह रजिस्टर एग्जीक्यूट होने वाली सूचना को स्टोर करता है.
  • इनपुट आउटपुट रजिस्टर – यह रजिस्टर इनपुट आउटपुट डिवाइस के मध्य सूचनाओं के आवागमन के लिए प्रयोग होता है.

बस

बस क्या है? यह कंप्यूटर के कंपोनेंट के मध्य एक पाथ का कार्य करती है. कंप्यूटर में दो मुख्य बसे होती हैं पहले आंतरिक अथवा सिस्टम बस तथा दूसरी बाहरी अथवा एक्सपेंशन बस होती है. सिस्टम बस मदर बोर्ड पर स्थित रहती है तथा सीपीयू को मदरबोर्ड पर स्थित अन्य डिवाइसेज से जोड़ती है. एक्सपेंशन बस का कार्य सीपीयू को बाहरी डिवाइस से जैसे – कीबोर्ड, माउस, मॉडम, प्रिंटर इत्यादि से जोड़ना होता है. डिस्क ड्राइव तथा अन्य आंतरिक डिवाइसेज के तार बस में प्लग किए होते हैं. सिस्टम बस के दो भाग डाटा बस तथा ऐड्रेस बस होते हैं. डाटा बस एक विद्युत पाथ होता है जो मदरबोर्ड पर सीपीयू, मेमोरी तथा अन्य हार्डवेयर डिवाइसेज को जोड़ता है. वस्तुतः बस समांतर तारों का एक समूह होती है. बस में तारों की संख्या हार्डवेयर कंपोनेंट के मध्य डाटा के आवागमन को प्रभावित करता है, क्योंकि प्रत्येक तार एक समय में एक बिट डाटा स्थानांतरित कर सकता है. एक 8 बिट वाली बस एक समय में 8 बिट अर्थात एक बाइट ले जा सकती है. ऐड्रेस बस डाटा बस की तरह ही तारों का एक समूह होता है. एड्रेस बस केवल सीपीयू तथा रेम को जोड़ता है तथा मेमोरी एड्रेस का ही वहन करता है. रैम में प्रत्येक बाइट एक संख्या के साथ जुड़ा होती है जो इसका मेमोरी एड्रेस होता है.

What are Output Devices of Computer

इंस्ट्रक्शन सेट

इंस्ट्रक्शन सेट क्या होता है? प्रोसेसर कंप्यूटर मेमोरी से कैरेक्टर प्राप्त करना या फिर दो संख्याओं के बीच तुलना करके बड़ी संख्या प्राप्त करने जैसे ऑपरेशंस करता है. इन ऑपरेशंस में प्रत्येक का अपना एक यूनिट नंबर होता है जिसे इंस्ट्रक्शन कहते हैं. प्रोसेसर के इंस्ट्रक्शन की सूची को इंस्ट्रक्शन सेट कहा जाता है. अलग-अलग प्रोसेसर का अलग-अलग इंस्ट्रक्शन सेट होता है. यही कारण है कि प्रोग्राम को एक विशेष प्रोसेसर का को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है.

सीपीयू के निर्देश जो कमांड को एग्जिट करने हेतु है, कंट्रोल यूनिट में तैयार किए जाते हैं. इंस्ट्रक्शन या इंस्ट्रक्शन सेट ऐसे सभी ऑपरेशन की सूची तैयार करता है जो सीपीयू को परफॉर्म कर सकता है. इंस्ट्रक्शन सेट का प्रत्येक निर्देश माइक्रो कोड्स में व्यक्त किया जाता है जो सीपीयू को यह बताता है कि जटिल ऑपरेशन को कैसे एग्जीक्यूट किया जाए.

Input Devices of Computer

प्रोसेसर स्पीड

प्रोसेसर स्पीड से तात्पर्य सीपीयू द्वारा सूचनाओं को एग्जिट क्यूट करने की गति से होता है. यह मेगा हर्ट्ज में मापी जाती है.

किसी प्रोसेसर की गति प्रोसेसर के द्वारा प्रयोग की जा रही डाटा बस पर निर्भर करती है. डेटा बस प्रोसेसर में डाटा के आवागमन के लिए प्रयोग की जाती है. यह डाटा बस 8 बिट, 16-bit, 32bit, 64bit, 128bit की होती है. 8 बिट से तात्पर्य एक समय में 8 बिट्स डाटा ट्रांसफर होने से है. इसी प्रकार 128 बिट डाटा बस से तात्पर्य एक समय में 128 बिट डाटा ट्रांसफर होने से है. डाटा बस जितना अधिक होगा प्रोसेसर की गति उतनी ही अधिक होगी.

सिस्टम क्लॉक

सिस्क से तात्पर्य कंपलेक्स इंस्ट्रक्शन सेट कंप्यूटर है. सिस्क चिप जैसे मोटोरोला 68040 या इंटेल पेंटीयम प्रोग्रामर्स को कई इंस्ट्रक्शन प्रदान करते हैं. साथ ही इसमें प्रोसेसिंग सर्किटरी होती है, जिसमें कई विशिष्ट उद्देश्य सर्किट होते हैं, जो उच्च गति के साथ इन इंस्ट्रक्शंस को एग्जीक्यूट करते हैं, क्योंकि इसमें ढेर सारे प्रोसेसिंग टूल्स होते हैं. सिस्क का डिजाइन प्रोग्रामर के काम को आसान बना देता है. सिस्क चिप्स जटिल तथा महंगी होती है तथा यह ज्यादा विद्युत धारा खपत करने के कारण गर्म हो जाती है. रिस्क से तात्पर्य रिड्यूस्ड इंस्ट्रक्शन सेट कंप्यूटर है. रिस्क चीप वेयर बोनस इंस्ट्रक्शन सेट प्रदान करती है. इस कारण रिस्क चिप्स कम जटिल होती है तथा यह कम महंगे और ऊर्जा उपयोग में अधिक दक्ष होते हैं. रिस्क डिजाइन की कमी यह है कि कंप्यूटर कई प्रोसेसिंग ऑपरेशंस को पूरा करने के लिए ऑपरेशंस को दोहराना पड़ता है. सीस्क चिप की अपेक्षाकृत रिस्क चीफ तेज प्रोसेसिंग प्रदान करती है.

Generation of Computer

पोपुलर माइक्रो प्रोसेसर

प्रोसेसर में इंटेल सबसे पहली प्रोसेसर निर्माता कंपनी है तथा आज सर्वाधिक लोकप्रिय भी है लेकिन अब बाजार में केवल इंटेल नहीं है बल्कि कुछ अन्य भी हैं जिनके प्रोसेसर उपयोग हो रहे हैं. बाजार में विभिन्न प्रकार के प्रोसेसर कौन-कौन से हैं तथा कितने प्रकार के हैं इन सभी को हम नीचे देखते हैं.

इंटेल प्रोसेसर

इंटेल कारपोरेशन दुनिया में माइक्रोप्रोसेसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है. इंटेल कारपोरेशन ने ही सबसे पहला माइक्रोप्रोसेसर बनाया था. इसके द्वारा बनाएं जा रहे प्रोसेसर इंटेल प्रोसेसर कहलाते है. इंटेल प्रोसेसर काप्रयोग अधिकतर माइक्रो, पर्सनल कंप्यूटर में होता है. celeron, पेंटियम, प्रोसेसर की प्रसिद्ध फैमिली है.

ए एम डी. प्रोसेसर

ए.एम.डी. का पूर्ण रूप एडवांस माइक्रो devices है. आज इंटेल प्रोसेसर के बाद सबसे अधिक उपयोग होने वाला प्रोसेसर यही है.ए.एम.डी. फैमिली मेंबर्स में ethelan, ड्यूरान, आपट्रान प्रमुख है.

मोटरोला प्रोसेसर

मोटोरोला प्रोसेसर मोटोरोला कंपनी के द्वारा बनाया जाता है. इन्हें फ्रीस्केल प्रोसेसर के नाम से जाना जाता है. प्रायः सभी एप्पल कंप्यूटर में इसी प्रोसेसर का प्रयोग होता है.

Types of Computer Systems

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