18 May 2021 Current Affairs in Hindi|18 मई 2021 करंट अफेयर्स हिंदी में

By | May 18, 2021

18 May 2021 Current Affairs in Hindi :- winitra.com प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों एवं पाठकों के लिए डेली करेंट अफेयर्स प्रस्तुत कर रहा है. आज के करेंट अफेयर्स में-प्लाज्मा थेरेपी, जल जीवन मिशन, इजराइल फिलिस्तीन संघर्ष, इतालियन ओपन को शामिल कर रहे है.

18 May 2021 Current Affairs in Hindi
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18 May 2021 Current Affairs in Hindi

18 May 2021 Current Affairs in Hindi :- winitra.com प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों एवं पाठकों के लिए डेली करेंट अफेयर्स प्रस्तुत कर रहा है. आज के करेंट अफेयर्स में-प्लाज्मा थेरेपी, जल जीवन मिशन, इजराइल फिलिस्तीन संघर्ष, इतालियन ओपन को शामिल कर रहे है.

1. राष्ट्रीय | भारत करेंट अफेयर्स

कोरोना के इलाज से हटाई गई प्लाज्मा थेरेपी, जानें वजह

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की तरफ से बताया गया है कि कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग को नैदानिक प्रबंधन दिशा-निर्देश से हटाया गया है.

कोरोना वायरस के उपचार को लेकर बड़ा फैसला किया गया है. केंद्र सरकार ने हाल ही में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए क्लिनिकल परामर्श में संशोधन किया है. सरकार ने 17 मई 2021 को मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी के इस्‍तेमाल को नैदानिक प्रबंधन दिशा-निर्देश से हटा दिया.

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने पाया कि कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी गंभीर बीमारी को दूर करने और मौत के मामलों में कमी लाने में मददगार साबित नहीं हुई है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की तरफ से बताया गया है कि कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग को नैदानिक प्रबंधन दिशा-निर्देश से हटाया गया है.

प्लाज्मा थेरेपी से फायदा नहीं

कोविड-19 के लिए गठित राष्ट्रीय कार्य बल-आईसीएमआर की पिछली सप्ताह हुई बैठक के दौरान सभी सदस्य प्लाज्मा थेरेपी को कोरोना के इलाज की गाइडलाइन्स से हटाने पर सहमत हुए थे, जिसके बाद सरकार का यह निर्णय सामने आया है. प्लाज्मा थेरेपी को कोविड-19 मरीजों के उपचार में प्रभावी नहीं पाया गया है.

कोरोना के इलाज की गाइडलाइन्स में संशोधन

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अधिकारी ने कहा कि कार्य बल ने कोविड-19 मरीजों के लिए कोरोना के इलाज की गाइडलाइन्स में संशोधन करते हुए प्लाज्मा थेरेपी को हटा दिया. उल्लेखनीय है कि कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन को देश में कोविड-19 उपचार के लिए प्लाज्मा थेरेपी के उपयोग को तर्कहीन और गैर-वैज्ञानिक उपयोग करार देते हुए आगाह किया था. बता दें कि कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें कोरोना मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी के बाद भी बचाया नहीं जा सका.

राष्ट्रीय कार्य बल गठित

कोरोना मरीजों के इलाज के लिए गठित राष्ट्रीय कार्य बल के सभी सदस्य आईसीएमआर की पिछले हफ्ते हुई बैठक के दौरान प्लाज्मा थेरेपी को इलाज के दिशा-निर्देश से हटाने पर सहमत हुए थे. पिछली गाइडलाइंस में मध्यम स्तर की बीमारी के शुरआती दौर में (लक्षण दिखने के सात दिनों के भीतर) प्लाज्मा थेरेपी के ‘आफ लेबल’ इस्तेमाल की सिफारिश की गई थी.

2. अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

जल जीवन मिशन: केंद्र सरकार ने 15 राज्यों को 5,968 करोड़ रुपये जारी किये

जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल से जलापूर्ति सुनिश्चित करना है. जल जीवन मिशन की प्राथमिकता देश भर के सभी भागों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है.

केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन के लिए 15 राज्यों को 5,968 करोड़ रुपये जारी किए हैं जो इस वित्त वर्ष में जारी की जाने वाली चार किश्तों में से पहली किश्त है. केंद्र चालू वित्त वर्ष में कुल चार किश्त जारी करेगा. अन्य 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशि जारी किये जाने के लिए अपने प्रस्ताव राष्ट्रीय जल जीवन मिशन को भेजने को कहा गया है.

केंद्रीय कोष भारत सरकार द्वारा राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों दिए गए नल के पानी के कनेक्शन और उपलब्ध केंद्रीय और समतुल्य राज्य हिस्सा के उपयोग के आधार पर जारी  किया जाता है. इस पैसे का उपयोग पेयजल आपूर्ति के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और शुद्ध पानी मुहैया कराने पर होगा. यह पहली किश्त राशि है. इसके बाद भी तीन किश्तें और जारी होंगी.

मुख्य बिंदु

  • जल जीवन मिशन के अंतर्गत आवंटित केंद्रीय निधि में से 93 फीसदी जल आपूर्ति बुनियादी ढांचे के विकास पर, पांच फीसदी समर्थन गतिविधियों पर और दो फीसदी जल गुणवत्ता की निगरानी और निगरानी गतिविधियों पर उपयोग किया जाना है.
  • राज्यों को केंद्रीय निधि जारी होने के 15 दिनों के भीतर उनके हिस्से के साथ जारी केंद्रीय धन को एकल नोडल खाते में स्थानांतरित करना होगा.
  • राज्यों के समतुल्य राज्य हिस्से के लिए प्रावधान करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यान्वयन एजेंसियों को धन की कमी का सामना न करना पड़े.
  • पूरे वर्ष खर्च समान रूप से वितरित हो यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर एक उचित व्यय योजना तैयार करनी होगी.

महत्व

पेयजल सप्लाई के लिए अवसंचना सृजन, संचालन और रखरखाव, धूसर जल शोधन और पुनः उपयोग के संदर्भ में बढ़ाए गए बजटीय आवंटन का प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. इससे विशाल अवसंचना गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगी. इससे गांवों में उत्पादक संपत्तियां पैदा होंगी.

जल जीवन मिशन के तहत मोटरों, टोटियों, नलों तथा पाइप आदि की मांग में वृद्धि से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा क्योंकि सभी शेष गांवों में काम शुरु होंगे. गावों  में जलापूर्ति व्यवस्था के विकास एवं अनुरक्षण, रोजगार के विशाल अवसर उपलब्ध कराने के लिए राजमिस्त्री, पलंबर, पंप संचालकों आदि का संवर्ग तैयार करने के लिए ग्रामीण लोगों को कौशल प्रदान किया जाएगा.

जल जीवन मिशन का बजटीय आवंटन बढ़ा

  • सरकार द्वारा उच्च प्राथमिकता दिए जाने के कारण जल जीवन मिशन का बजटीय आवंटन 2021-22 में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ कर 50,011 करोड़ रुपए हो गया है.
  • इसके अतिरिक्त 15वें वित्त आयोग से जुड़ा 26,940 करोड़ रुपए का अनुदान पीआरआई को जल तथा स्वचछता सेवाओं के लिए उपलब्ध होगा. कोष समतुल्य राज्य हिस्सा और बाह्य सहायता परियोजनाओं के माध्यम से भी उपलब्ध होगा.
  • इस तरह 2021-22 में ग्रामीण घरों में नल से पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने की योजना है.
  • आशा है कि इस तरह का निवेश अगले तीन वर्षों तक जारी रहेगा ताकि ‘हर घर जल’ का लक्ष्य हासिल किया जा सके.

जल जीवन मिशन का उद्देश्य

जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य 2024 तक हर ग्रामीण घर में नल से जलापूर्ति सुनिश्चित करना है. जल जीवन मिशन की प्राथमिकता देश भर के सभी भागों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है.

जल जीवन मिशन: एक नजर में

जल जीवन मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी. इस मिशन के तहत कृषि में पुन: उपयोग के लिये वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और घरेलू अपशिष्ट जल के प्रबंधन हेतु स्थानीय बुनियादी ढाँचे के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा.

कोविड-19 की चुनौतियों और उसके बाद के लॉकडाउन के वावजूद 4.17 करोड़ से अधिक परिवारों (21.76 प्रतिशत) को नल से पानी की सप्लाई दी गई है. अब देश में 7.41 करोड़ (38.62 प्रतिशत) से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनके घरों में सुनिश्चित नल का पानी मिल रहा है.

3. अंतरराष्ट्रीय करेंट अफेयर्स

चीन, जो मई के लिए UNSC की अध्यक्षता करता है, ने यह उल्लिखित किया है कि, फिलीस्तीनी मुद्दे से बाहर निकलने का अंतिम तरीका दो-राज्य समाधान के कार्यान्वयन में निहित है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने 16 मई, 2021 को इजरायल-फिलिस्तीन की स्थिति पर एक बैठक आयोजित की. इस बैठक की अध्यक्षता चीनी स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी ने की.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस बैठक के एजेंडे में लगभग दो दर्जन वक्ताओं में से पहले थे. उन्होंने उक्त दोनों पक्षों के बीच शत्रुता को ‘बेहद भयावह’ बताया और कहा कि, यह लड़ाई तुरंत बंद होनी चाहिए. यह इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर UNSC की पहली सार्वजनिक बैठक थी.

इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष

• इजरायलियों और फिलीस्तीनियों के बीच यह शत्रुता इतने उच्च स्तर तक बढ़ गई है जोकि वर्ष, 2014 के युद्ध के बाद से ऐसा नहीं देखा गया था.
• संयुक्त राष्ट्र को अपने राजनयिक जुड़ाव को बढ़ाने के लिए मजबूर किया गया था और UNSC ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर इस संघर्ष पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की और इसके साथ ही यह संघर्ष अपने सातवें दिन में पहुंच गया.
• गाजा में इजरायल और हमास के हवाई हमलों से कई महिलाओं और बच्चों सहित दर्जनों लोग मारे गए हैं. इन हवाई हमलों में कई इमारतें मलबे में तब्दील हो गई हैं और बचे हुए लोगों की तलाश के लिए कामगारों की तलाश अभी भी जारी है.

चीन के समाधान

चीन मई महीने के लिए UNSC की घूर्णन/ रोटेशन अध्यक्षता कर रहा है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपने बयान में यह कहा है कि, इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते संघर्ष में महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं और स्थिति बेहद गंभीर और कष्टप्रद है.

चीन ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच मौजूदा तनाव की प्रतिक्रिया के तौर पर निम्नलिखित की वकालत की:

  1. युद्धविराम है मौजूदा प्राथमिकता: चीन ने संघर्ष के लिए दोनों पक्षों से रॉकेट लॉन्च, हवाई हमले और जमीनी हमले सहित सैन्य कार्रवाई को तुरंत रोकने का आह्वान किया है.
  2. मानवीय सहायता की है तत्काल आवश्यकता: चीन ने इजरायल से अपने अंतर्राष्ट्रीय संधि दायित्वों को ईमानदारी से पूरा करने और गाजा की नाकाबंदी और घेराबंदी को जल्द से जल्द उठाने का आग्रह किया. चीन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी फिलिस्तीन को मानवीय आधार पर हरेक संभव सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है.
  3. अंतर्राष्ट्रीय समर्थन है दायित्व: चीन ने आग्रह किया है कि, UNSC को इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए.
  4. दो-राज्य समाधान ही है अंतिम रास्ता: चीन ने यह उल्लिखित किया है कि, इस फिलीस्तीनी मुद्दे से बाहर निकलने का अंतिम तरीका दो-राज्य समाधान के कार्यान्वयन में निहित है. चीन ने फिलिस्तीन और इजराइल के बीच शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए अपना समर्थन दिया.

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत, लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने यह कहा कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने इजरायल और फिलिस्तीनी नेताओं के साथ बात की थी, जबकि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भी इस क्षेत्र में अपने समकक्षों के साथ बातचीत कर रहे थे.

अन्य देशों का रवैया

UNSC के सभी 15 सदस्य देशों के दूतों ने हालांकि तत्काल डी-एस्केलेशन/ युद्ध विराम का आग्रह किया है, तो भी इस बात का कोई संकेत नहीं है कि, संयुक्त राष्ट्र परिषद इस स्थिति को हल करने के लिए आगे क्या कदम उठाएगी.

नवीनतम इजरायल-फिलिस्तीनी संकट किस कारण उत्पन्न हुआ?

इस संघर्ष के दो मुख्य कारण थे:

  1. इस्राइल द्वारा शेख जर्राह के पूर्वी यरुशलम में कई फिलिस्तीनियों को उनके घरों से बेदखल करने के प्रयासों के बाद विरोध शुरू हुआ. इजराइल की सुप्रीम कोर्ट ने इस बेदखली पर रोक लगा दी थी.
  2. इस्लामिक पवित्र महीने रमजान के दौरान फिलिस्तीनियों पर प्रतिबंध भी लगाए गए थे.

अल अक्सा मस्जिद में क्या हुआ था?

• इजरायल पुलिस ने पहले अल-अक्सा मस्जिद के आसपास के इलाके में धावा बोल दिया था, जो इस्लाम और यहूदी धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है.
• इजरायली पुलिस ने यह कहा है कि, वे इजरायली अरबों के द्वारा बाद के दंगों में इस्तेमाल करने के लिए पत्थर इकट्ठा करने का जवाब दे रहे थे, जबकि फिलिस्तीनियों के अनुसार, इजराइली पुलिस के परिसर में प्रवेश करने और आंसू गैस, अचेत करने वाले ग्रेनेड और रबर की गोलियां चलाने के बाद ही यह लड़ाई शुरू हुई थी.

4. खेल | खिलाड़ी करेंट अफेयर्स

राफेल नडाल 12वीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे और उन्होंने 10वीं बार यह खिताब जीता. वहीं नडाल और जोकोविच के बीच छठी बार इटैलियन ओपन का खिताबी मुकाबला खेला गया जिसमें स्पेनिश खिलाड़ी ने सर्बियाई खिलाड़ी को पराजित किया.

स्पेन के राफेल नडाल ने इटैलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में पुरुष एकल वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है. उन्होंने विश्व के नंबर-1 खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच को हराकर ये जीत दर्ज की. उन्होंने कोरोना वायरस के कहर के बीच टेनिस फैंस को बड़ी खुशी दी है.

राफेल नडाल ने दो घंटे 49 मिनट तक चले इस मुकाबले में जोकोविच को 7-5, 1-6, 6-3 से हराकर इटैलियन ओपन के खिताब पर कब्जा किया. राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच के बीच फाइनल मुकाबले में बेहद ही कड़ी टक्कर देखने को मिली. लेकिन राफेल नडाल ने आखिर में बाजी मार ली.

10वीं बार यह खिताब जीता

राफेल नडाल 12वीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे और उन्होंने 10वीं बार यह खिताब जीता. वहीं नडाल और जोकोविच के बीच छठी बार इटैलियन ओपन का खिताबी मुकाबला खेला गया जिसमें स्पेनिश खिलाड़ी ने सर्बियाई खिलाड़ी को पराजित किया.

राफेल नडाल ने इसके साथ ही जोकोविच के 36 एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीतने की बराबरी कर ली. यह चौथा मौका है जब उन्होंने एक टूर्नामेंट दस या उससे अधिक बार जीता. उन्होंने 13 बार फ्रेंच ओपन, 12 बार बार्सिलोना ओपन और 11 बार मोंटे कार्लो की ट्रॉफी जीती है.

1990 के बाद सर्वाधिक मास्टर्स खिताब जीतने वाले खिलाड़ी

खिलाड़ीखिताब
जोकोविच36
नडाल36
फेडरर28
आंद्रे अगासी17
एंडी मरे14
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अब तक का 57वां मुकाबला

यह नडाल और जोकोविच के बीच अब तक का 57वां मुकाबला था. इसमें नडाल ने 28वीं जीत हासिल की है. जोकोविच ने 29 बार आपसी भिड़ंत को अपने नाम किया है. नडाल ने 13 बार फ्रेंच ओपन जीता है तो जोकोविच ने 9 बार ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया है. फेडरर ने सबसे ज्यादा 8 बार विम्बलडन खिताब जीता है. तीनों खिलाड़ियों का यूएस ओपन में अच्छा प्रदर्शन रहा है.

इगा स्विएतेक ने जीता खिताब

पोलैंड की इगा स्विएतेक ने चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिस्कोवा को हराकर इटैलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में महिला एकल वर्ग का खिताब जीत लिया. स्विएतेक ने 46 मिनट तक चले एकतरफा फाइनल मुकाबले में नौवीं रैंकिंग की प्लिस्कोवा को लगातार सेटों में 6-0, 6-0 से हराकर खिताब जीता. इस जीत के साथ ही इगा स्विएतेक ने अपना पहला डब्ल्यूटीए 1000 खिताब जीता जबकि उनके करियर का यह तीसरा खिताब है. उन्होंने साल 2020 में फ्रेंच ओपन और फरवरी में एडिलेड का खिताब जीता था.

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